भेंगापन (Squint) क्या है? कारण, लक्षण, इलाज और ऑपरेशन से जुड़े हर सवाल का जवाब

डॉ. मनीषा मिश्रा द्वारा विस्तृत मार्गदर्शिका

डॉ. मनीषा मिश्रा (वरिष्ठ स्क्विंट सर्जन | बाल नेत्र रोग विशेषज्ञ | कॉम्प्लेक्स मोतियाबिंद सर्जन), शान्तनु नेत्रालय, वाराणसी

परिचय

नमस्कार!

मैं डॉ. मनीषा मिश्रा हूँ। मैं वरिष्ठ स्क्विंट सर्जन (Squint Surgeon), बाल नेत्र रोग विशेषज्ञ (Pediatric Ophthalmologist) एवं कॉम्प्लेक्स मोतियाबिंद सर्जन हूँ और पिछले 10 से अधिक वर्षों से नेत्र चिकित्सा एवं नेत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत हूँ।

मुझे गुरु नानक आई सेंटर, नई दिल्ली में कुल 6 वर्षों का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। यहाँ मैंने 3 वर्ष एम.एस. (नेत्र रोग) पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंसी पूरी की तथा इसके बाद 3 वर्ष स्क्विंट एवं बाल नेत्र रोग (Pediatric Ophthalmology) में समर्पित सुपरस्पेशियलिटी प्रशिक्षण (Senior Residency) प्राप्त किया। गुरु नानक आई सेंटर भारत के सबसे प्रतिष्ठित एवं सबसे बड़े सरकारी सुपरस्पेशियलिटी नेत्र चिकित्सा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है।

अपने पेशेवर जीवन में मैंने 20,000 से अधिक नेत्र शल्य प्रक्रियाएँ (Ophthalmic Surgical Procedures) की हैं तथा प्रतिदिन बच्चों एवं वयस्कों में भेंगापन, आलसी आँख (Amblyopia) तथा अन्य जटिल नेत्र रोगों का उपचार करती हूँ।

मेरे पास आने वाले अधिकांश माता-पिता का पहला प्रश्न यही होता है—

  • “क्या मेरे बच्चे की आँख सच में टेढ़ी है?”
  • “क्या यह अपने आप ठीक हो जाएगी?”
  • “क्या ऑपरेशन ही एकमात्र इलाज है?”

इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको इस विस्तृत लेख में सरल भाषा और वैज्ञानिक तथ्यों के साथ मिलेंगे।

प्रश्न 1 : भेंगापन (Squint) क्या होता है?

भेंगापन, जिसे अंग्रेज़ी में Squint या Strabismus कहा जाता है, ऐसी स्थिति है जिसमें दोनों आँखें एक साथ एक ही दिशा में नहीं देखतीं।

सामान्यतः हमारी दोनों आँखें एक ही वस्तु पर एक साथ केंद्रित रहती हैं। लेकिन भेंगापन होने पर एक आँख सीधी रहती है जबकि दूसरी आँख—

  • अंदर की ओर (Esotropia)
  • बाहर की ओर (Exotropia)
  • ऊपर की ओर (Hypertropia)
  • नीचे की ओर (Hypotropia)

मुड़ सकती है।

यह टेढ़ापन हमेशा भी रह सकता है या केवल कुछ समय के लिए भी दिखाई दे सकता है।

प्रश्न 2 : क्या भेंगापन केवल दिखने की समस्या है?

बिल्कुल नहीं।

बहुत से लोग सोचते हैं कि भेंगापन केवल चेहरे की सुंदरता से जुड़ी समस्या है।

वास्तव में यह बच्चों की दृष्टि के विकास को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण बीमारी है।

यदि समय पर इलाज न किया जाए तो—

  • आलसी आँख (Lazy Eye/Amblyopia)
  • दोनों आँखों से एक साथ देखने की क्षमता में कमी
  • गहराई का सही अनुमान न लगना
  • पढ़ाई में कठिनाई
  • खेलकूद में परेशानी
  • आत्मविश्वास में कमी
  • सामाजिक संकोच

जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

प्रश्न 3 : बच्चों में भेंगापन क्यों होता है?

इसके अनेक कारण हो सकते हैं।

जन्मजात (Congenital)

कुछ बच्चों में जन्म से ही भेंगापन होता है।

अधिक चश्मे का नंबर

विशेषकर दूर की दृष्टि (Hypermetropia) अधिक होने पर।

आलसी आँख

यदि एक आँख कम देखती है तो वह भटक सकती है।

समय से पहले जन्म

Premature babies में जोखिम अधिक रहता है।

परिवार में इतिहास

यदि माता-पिता या भाई-बहन को भेंगापन रहा हो।

कुछ दुर्लभ कारण

  • जन्मजात मोतियाबिंद
  • रेटिना की बीमारी
  • नसों की समस्या
  • मस्तिष्क संबंधी कुछ रोग

प्रश्न 4 : क्या मोबाइल देखने से भेंगापन होता है?

नहीं।

मोबाइल, टीवी या टैबलेट सीधे भेंगापन पैदा नहीं करते।

हालाँकि बहुत अधिक स्क्रीन टाइम से—

  • आँखों में थकान
  • सूखापन
  • सिरदर्द
  • ध्यान की कमी

हो सकती है।

बच्चों के स्क्रीन टाइम को उम्र के अनुसार सीमित रखना चाहिए।

प्रश्न 5 : क्या बच्चा बड़ा होने पर भेंगापन अपने आप ठीक हो जाता है?

अधिकांश मामलों में नहीं।

यह सबसे बड़ा भ्रम है।

जितनी देर इलाज में होगी, उतना ही दृष्टि विकास प्रभावित हो सकता है।

कुछ बच्चों में इलाज में देरी होने पर आलसी आँख स्थायी भी हो सकती है।

इसलिए “थोड़ा बड़ा हो जाएगा तो ठीक हो जाएगा” सोचकर इंतजार करना उचित नहीं है।

प्रश्न 6 : माता-पिता को कौन-कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

यदि आपका बच्चा—

✔️ एक आँख टेढ़ी रखता है

✔️ फोटो में एक आँख अलग दिखाई देती है

✔️ बार-बार सिर तिरछा करता है

✔️ एक आँख बंद करके देखता है

✔️ टीवी के बहुत पास बैठता है

✔️ पढ़ते समय लाइन छोड़ देता है

✔️ बार-बार वस्तुओं से टकराता है

✔️ तेज धूप में एक आँख बंद रखता है

तो उसे नेत्र विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएँ।

प्रश्न 7 : क्या हर टेढ़ी दिखने वाली आँख वास्तव में भेंगी होती है?

नहीं।

कुछ छोटे बच्चों में नाक का ऊपरी हिस्सा चौड़ा होने या आँखों के अंदरूनी कोने पर त्वचा अधिक होने के कारण आँखें भेंगी लग सकती हैं।

इसे Pseudo Squint (झूठा भेंगापन) कहते हैं।

लेकिन इसका निर्णय केवल नेत्र विशेषज्ञ की जाँच के बाद ही किया जा सकता है।

प्रश्न 8 : डॉक्टर भेंगापन की जाँच कैसे करते हैं?

भेंगापन की जाँच केवल यह देखने तक सीमित नहीं होती कि आँख टेढ़ी है या नहीं।

जाँच में शामिल हो सकते हैं—

  • दृष्टि परीक्षण
  • चश्मे के नंबर की जाँच
  • पुतली फैलाकर जाँच
  • आँखों की मूवमेंट
  • भेंगापन का कोण मापना
  • दोनों आँखों की संयुक्त कार्यक्षमता की जाँच
  • रेटिना एवं ऑप्टिक नर्व की जाँच

इन जाँचों के आधार पर इलाज की योजना बनाई जाती है।

प्रश्न 9 : क्या हर बच्चे को चश्मा लगाना पड़ता है?

नहीं।

लेकिन जिन बच्चों में चश्मे का नंबर भेंगापन का कारण होता है, उनमें केवल सही चश्मा लगाने से भी आँखें सीधी हो सकती हैं।

इसी कारण पूर्ण नेत्र परीक्षण अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न 10 : आलसी आँख (Lazy Eye) क्या होती है?

जब एक आँख का विकास सही ढंग से नहीं हो पाता और मस्तिष्क उस आँख से आने वाले चित्रों को अनदेखा करने लगता है, तो उसे आलसी आँख (Amblyopia) कहते हैं।

यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए तो जीवन भर दृष्टि कम रह सकती है।

इसीलिए भेंगापन का जल्द इलाज बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 11 : क्या केवल आई एक्सरसाइज से भेंगापन ठीक हो जाता है?

यह एक बहुत सामान्य प्रश्न है।

सभी प्रकार के भेंगापन में एक्सरसाइज लाभदायक नहीं होती।

कुछ विशेष प्रकार के भेंगापन में ऑर्थॉप्टिक एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन अधिकांश बच्चों में केवल एक्सरसाइज से स्थायी इलाज संभव नहीं होता।

इलाज का निर्णय विस्तृत जाँच के बाद ही किया जाता है।

प्रश्न 12 : क्या भेंगापन का इलाज बिना ऑपरेशन के भी संभव है?

हाँ।

हर मरीज को ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती।

कारण के अनुसार उपचार में शामिल हो सकते हैं—

  • सही चश्मा
  • आलसी आँख की पैचिंग (Patch Therapy)
  • विशेष प्रकार के प्रिज्म चश्मे
  • चयनित मामलों में ऑर्थॉप्टिक एक्सरसाइज
  • नियमित फॉलो-अप

यदि इनसे पर्याप्त सुधार न हो या आँखों का टेढ़ापन अधिक हो, तब स्क्विंट सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।

निष्कर्ष

भेंगापन एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण नेत्र रोग है। समय पर पहचान और सही उपचार से अधिकांश बच्चों और वयस्कों में अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

अगले भाग में हम विस्तार से जानेंगे—

  • क्या हर भेंगापन में ऑपरेशन करना पड़ता है?
  • स्क्विंट सर्जरी कैसे होती है?
  • क्या ऑपरेशन सुरक्षित है?
  • क्या दोबारा भेंगापन हो सकता है?
  • वयस्कों में स्क्विंट सर्जरी के क्या लाभ हैं?
  • ऑपरेशन के बाद क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
  • भेंगापन से जुड़े सबसे बड़े मिथक और सच्चाई।

डॉ. मनीषा मिश्रा
वरिष्ठ स्क्विंट सर्जन | बाल नेत्र रोग विशेषज्ञ | कॉम्प्लेक्स मोतियाबिंद सर्जन
शान्तनु नेत्रालय, वाराणसी