रेटिना की बीमारियाँ: मरीजों के सबसे सामान्य सवाल और उनके जवाब

डॉ. शान्तनु कुमार गुप्ता

वरिष्ठ मोतियाबिंद सर्जन | मेडिकल रेटिना विशेषज्ञ | समग्र नेत्र रोग विशेषज्ञ, शान्तनु नेत्रालय, वाराणसी

परिचय

नमस्कार!

मैं डॉ. शान्तनु कुमार गुप्ता हूँ। पिछले 10 से अधिक वर्षों से नेत्र चिकित्सा एवं नेत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत हूँ।

मुझे गुरु नानक आई सेंटर, नई दिल्ली में 6 वर्षों का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला, जहाँ मैंने 3 वर्ष एम.एस. (नेत्र रोग) तथा उसके बाद 3 वर्ष मेडिकल रेटिना में सुपरस्पेशियलिटी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी, रेटिना रोगों के उपचार, इंट्राविट्रियल इंजेक्शन, रेटिना लेज़र एवं अन्य जटिल नेत्र रोगों के प्रबंधन का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।

मेरी चिकित्सा का मूल सिद्धांत सरल है—हर मरीज अलग होता है, इसलिए हर उपचार भी अलग होना चाहिए। मेरा प्रयास रहता है कि प्रत्येक मरीज की बीमारी, उसकी दृष्टि, संभावित लाभ और जोखिम का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर वैज्ञानिक एवं व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जाए। कई बार सही निर्णय उपचार करना होता है, तो कई बार अनावश्यक प्रक्रिया से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

1. रेटिना क्या होती है?

रेटिना आँख के पीछे स्थित वह परत है जो कैमरे के सेंसर की तरह काम करती है। यदि रेटिना प्रभावित हो जाए तो दृष्टि गंभीर रूप से कम हो सकती है।

2. किन लोगों में रेटिना की बीमारी का खतरा अधिक होता है?

  • मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • बढ़ती उम्र
  • अधिक माइनस नंबर
  • आँख में चोट
  • परिवार में रेटिना रोग

3. किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

  • अचानक धुंधला दिखना
  • फ्लोटर्स (काले धब्बे)
  • फ्लैशेज (चमक)
  • पर्दा गिरने जैसा महसूस होना
  • सीधी रेखाएँ टेढ़ी दिखना
  • अचानक दृष्टि कम होना

4. क्या डायबिटीज आँखों की रोशनी खराब कर सकती है?

हाँ। मधुमेह रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए हर डायबिटिक मरीज को वर्ष में कम-से-कम एक बार रेटिना की जाँच करानी चाहिए।

5. क्या हर मरीज को इंजेक्शन लगवाना पड़ता है?

नहीं। कुछ मरीजों को केवल निगरानी, कुछ को लेज़र, कुछ को इंजेक्शन और कुछ को सर्जरी की आवश्यकता होती है। उपचार का निर्णय जाँच और OCT के आधार पर लिया जाता है।

6. OCT क्या है?

OCT एक दर्दरहित स्कैन है जिससे रेटिना की सूक्ष्म परतों की जाँच की जाती है। यह उपचार की योजना बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

7. क्या आँख में इंजेक्शन सुरक्षित होता है?

हाँ। प्रशिक्षित रेटिना विशेषज्ञ द्वारा उचित तकनीक से दिया गया इंट्राविट्रियल इंजेक्शन सुरक्षित और प्रभावी उपचार है।

8. रेटिना लेज़र कब किया जाता है?

डायबिटिक रेटिनोपैथी, रेटिनल टियर और कुछ अन्य रेटिना रोगों में लेज़र किया जाता है। इसका उद्देश्य दृष्टि को सुरक्षित रखना होता है।

9. रेटिनल डिटेचमेंट क्या है?

जब रेटिना अपनी जगह से अलग हो जाती है तो उसे रेटिनल डिटेचमेंट कहते हैं। यह एक नेत्र आपातकाल है और तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।

10. अच्छी रेटिना चिकित्सा का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत क्या है?

सही मरीज का सही समय पर सही उपचार।

हर OCT रिपोर्ट का इलाज आवश्यक नहीं होता, हर मरीज को इंजेक्शन नहीं चाहिए और हर रेटिना रोग में ऑपरेशन नहीं करना पड़ता। सही निर्णय वही है जो मरीज के लिए सबसे अधिक लाभकारी हो।

मेरा संदेश

यदि आपको मधुमेह है, अचानक दृष्टि कम हुई है, फ्लोटर्स या फ्लैशेज दिखाई दे रहे हैं या किसी ने रेटिना की बीमारी बताई है, तो जाँच में देरी न करें। समय पर निदान और सही उपचार से अनेक मरीजों की दृष्टि सुरक्षित रखी जा सकती है।

डॉ. शान्तनु कुमार गुप्ता
वरिष्ठ मोतियाबिंद सर्जन | मेडिकल रेटिना विशेषज्ञ
शान्तनु नेत्रालय, वाराणसी

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