आँख में ब्लड आ गया है? घबराइए नहीं – जानिए कारण, इलाज और कब ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ती है

लेखक: डॉ. शांतनु गुप्ता
Senior Cataract Specialist & Medical Retina Specialist
शांतनु नेत्रालय, वाराणसी

क्या आँख में ब्लड आना हमेशा गंभीर होता है?

कई बार मरीज घबराकर कहते हैं, “डॉक्टर साहब, मेरी आँख में खून आ गया है!”

लेकिन वास्तव में “आँख में ब्लड आना” अलग-अलग स्थितियों के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान्य शब्द है। इनमें से कुछ बिल्कुल सामान्य होती हैं और अपने-आप ठीक हो जाती हैं, जबकि कुछ स्थितियाँ ऐसी होती हैं जिनमें समय पर इलाज न मिलने पर दृष्टि स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।

सबसे सामान्यतः मरीज जिन दो स्थितियों को “आँख में ब्लड” कहते हैं, वे हैं—

  • Subconjunctival Hemorrhage: आँख की सफेद परत पर खून जम जाना
  • Vitreous Hemorrhage: आँख के अंदर शीशेनुमा भाग में खून भर जाना

इन दोनों में बहुत अंतर है और इलाज भी बिल्कुल अलग होता है।

1. Subconjunctival Hemorrhage क्या होता है?

इसमें आँख का सफेद हिस्सा अचानक लाल हो जाता है। यह देखने में डरावना लगता है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह खतरनाक नहीं होता।

इसके कारण:

  • तेज़ खाँसी या छींक
  • भारी वजन उठाना
  • ब्लड प्रेशर बढ़ना
  • ब्लड थिनर दवाएँ
  • हल्की चोट
  • कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के

लक्षण:

  • आँख पूरी तरह लाल दिखाई देती है
  • दर्द नहीं होता
  • देखने की क्षमता सामान्य रहती है
  • आमतौर पर जलन या हल्की असुविधा हो सकती है

इसका इलाज:

अधिकांश मामलों में किसी ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती।

आमतौर पर—

  • कृत्रिम आँसू (Lubricating eye drops)
  • ब्लड प्रेशर की जाँच
  • यदि बार-बार हो रहा हो तो आवश्यक रक्त जाँच

लगभग 2–3 सप्ताह में यह अपने-आप ठीक हो जाता है।

2. Vitreous Hemorrhage क्या होता है?

यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर स्थिति है।

आँख के अंदर एक पारदर्शी जेल जैसा पदार्थ होता है जिसे Vitreous कहते हैं। जब इसके अंदर खून आ जाता है तो मरीज को अचानक—

  • धुंधला दिखाई देना
  • काले धब्बे (Floaters)
  • मकड़ी के जाले जैसा दिखाई देना
  • धुएँ जैसा पर्दा
  • अचानक दृष्टि कम होना

जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

Vitreous Hemorrhage किन कारणों से होता है?

सबसे सामान्य कारण हैं—

1. डायबिटिक रेटिनोपैथी

भारत में Vitreous Hemorrhage का सबसे सामान्य कारण। अनियंत्रित मधुमेह में रेटिना पर नई कमजोर रक्त वाहिकाएँ बन जाती हैं, जो फटकर खून छोड़ सकती हैं।

2. रेटिना में फटना (Retinal Tear)

यदि रेटिना में छेद या फटना हो जाए तो उसके साथ खून भी आ सकता है। यह स्थिति समय पर इलाज न होने पर रेटिनल डिटैचमेंट में बदल सकती है।

3. Posterior Vitreous Detachment (PVD)

उम्र बढ़ने के साथ Vitreous जेल रेटिना से अलग होने लगता है। अधिकांश मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कभी-कभी इससे रक्तस्राव हो सकता है।

4. आँख में चोट

चोट लगने के बाद भी Vitreous Hemorrhage हो सकता है।

5. अन्य कारण

  • Retinal Vein Occlusion
  • Age-related Macular Degeneration के कुछ प्रकार
  • दुर्लभ रक्त संबंधी बीमारियाँ

क्या हर Vitreous Hemorrhage का ऑपरेशन करना पड़ता है?

नहीं। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है।

हर मरीज का इलाज उसके कारण, रक्तस्राव की मात्रा और रेटिना की स्थिति पर निर्भर करता है।

Vitreous Hemorrhage का इलाज कैसे किया जाता है?

1. केवल निगरानी (Observation)

यदि खून कम हो, रेटिना सुरक्षित हो और धीरे-धीरे खून साफ होने की संभावना हो तो केवल नियमित फॉलो-अप किया जाता है।

2. Anti-VEGF Injection

यदि रक्तस्राव का कारण डायबिटिक रेटिनोपैथी या कुछ अन्य रेटिना रोग हैं, तो Anti-VEGF Injection दिया जा सकता है।

इससे—

  • असामान्य रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ती हैं
  • दोबारा रक्तस्राव का खतरा कम होता है
  • आगे के उपचार में सहायता मिलती है

यह Injection कई मरीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन हर मरीज को इसकी आवश्यकता नहीं होती।

3. Retina Laser (Laser Photocoagulation)

यदि रेटिना दिखाई दे रही हो और डॉक्टर को लगे कि Laser आवश्यक है, तो Laser किया जाता है।

Laser का उद्देश्य होता है—

  • नई कमजोर रक्त वाहिकाओं को नियंत्रित करना
  • भविष्य में रक्तस्राव कम करना
  • रेटिना को सुरक्षित रखना

ध्यान रखें कि Laser खून को साफ नहीं करता, बल्कि उसके कारण का इलाज करता है।

4. Vitrectomy Surgery

कुछ मरीजों में ऑपरेशन आवश्यक हो सकता है। सर्जरी निम्न परिस्थितियों में की जाती है—

  • लंबे समय तक खून साफ न हो
  • रेटिना दिखाई ही न दे
  • रेटिनल डिटैचमेंट का संदेह हो
  • रेटिना में बड़ा Tear हो
  • बार-बार रक्तस्राव हो
  • गंभीर डायबिटिक रेटिनोपैथी

Vitrectomy में आँख के अंदर जमा खून और Vitreous जेल को हटाकर रेटिना का उपचार किया जाता है।

डॉक्टर किस प्रकार जाँच करते हैं?

Vitreous Hemorrhage होने पर सामान्यतः निम्न जाँचों की आवश्यकता पड़ सकती है—

  • विस्तृत Retina Examination
  • Dilated Fundus Examination
  • B-Scan Ultrasonography (यदि रेटिना दिखाई न दे)
  • OCT (जब आवश्यक हो)

इन जाँचों के आधार पर ही सही उपचार तय किया जाता है।

कब तुरंत Retina Specialist को दिखाना चाहिए?

यदि आपको अचानक—

  • दृष्टि धुंधली हो जाए
  • बहुत सारे काले धब्बे दिखने लगें
  • धुएँ जैसा पर्दा दिखाई दे
  • रोशनी की चमक (Flashes) दिखे
  • आँख में चोट के बाद दृष्टि कम हो जाए

तो बिना देरी किए Retina Specialist से जाँच करानी चाहिए।

निष्कर्ष

आँख में ब्लड आने का अर्थ हमेशा एक जैसा नहीं होता।

यदि केवल आँख की सफेद परत लाल हुई है, तो अधिकांश मामलों में चिंता की बात नहीं होती। लेकिन यदि खून आँख के अंदर आया है और अचानक दृष्टि कम हो गई है, तो इसे कभी भी सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

समय पर सही जाँच से यह तय किया जा सकता है कि केवल निगरानी पर्याप्त है, Laser की आवश्यकता है, Injection देना है या Surgery करनी होगी।

शांतनु नेत्रालय, वाराणसी

यदि आपकी दृष्टि अचानक धुंधली हुई है, आँख के अंदर खून आने की आशंका है, या आपको डायबिटीज़ है और देखने में बदलाव महसूस हो रहा है, तो समय पर Retina Specialist से परामर्श लेना आपकी दृष्टि बचाने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

डॉ. शांतनु गुप्ता
Senior Cataract Specialist & Medical Retina Specialist
शांतनु नेत्रालय, वाराणसी